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मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना 2024 – प्रस्तुति सहायता के रूप में दो किश्तों में 16,000 रुपए की सहायता राशि।

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MP Prasuti Sahayata Yojana

मध्य प्रदेश सरकार ने अपने प्रदेश की आर्थिक रूप से कमजोर और श्रमिक वर्ग की गर्भवती महिलाओं को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के मकसद से 1 अप्रैल 2018 को ‘मुख्यमंत्री श्रमिक सेवक प्रस्तुति सहायता योजना’ की शुरुआत की। इस योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश की गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रही मजदूर/ श्रमिक परिवार की गर्भवती महिलाओं को उनके गर्भावस्था के दौरान मां और शिशु के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य के लिए सरकार द्वारा ₹16000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। योजना की संपूर्ण जानकारी इस लेख में साझा की गई है तो कृपया लेख को पूरा पढ़ें।

MP Prasuti Sahayata Yojana Details in Hindi

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत असंगठित श्रमिक महिलाओं को शासकीय स्वास्थ्य संस्था में प्रसव के दौरान होने वाली आर्थिक स्थिति की भरपाई सरकार द्वारा वहन की जाती है। इस योजना के तहत गर्भावस्था के दौरान अंतिम तिमाही में चार प्रसव के पहले जांच कराने पर पहले दो किश्तों में तीन-तीन हजार रुपए यानी ₹6000 की राशि प्रदान की जाएगी। वहीं नवजात शिशु के जन्म के बाद अगर मां शिशु को जल्द से जल्द स्तनपान कराती है और उसका पंजीकरण करवाती है तो उस दौरान उसे दूसरे किस्त के तौर पर पूरे ₹10000 की सहायता राशि मिलती है इसके अलावा अगर शिशु को हेपेटाइटिस बी, बीसीजी व ओपीवी का टीकाकरण कराया जाता है तब भी महिला को यह राशि मिलती है।

योजना के उद्देश्य

मध्य प्रदेश की श्रमिक वर्ग की गर्भवती महिलाओं की समस्याओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वहां की सरकार द्वारा सहायता के तौर पर मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना की शुरुआत की गई। जैसा कि हम जानते ही हैं श्रमिकों का न तो काम निश्चित होता है और न ही उनकी आय इतनी अधिक होती है कि वे अपने और अपने परिवार का अच्छे से पालन-पोषण कर सकें। ऐसे में अगर श्रमिक परिवार की महिला या खुद श्रमिक महिला गर्भवती होती है तो उसे ट्रीटमेंट और पोषण, देखभाल आदि के लिए आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ता है इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने अपने प्रदेश के श्रमिक वर्ग की गर्भवती महिलाओं को सहायता पहुंचाने के लिए इस योजना का संचालन किया जिससे कि मां और शिशु दोनों को इन सभी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

योजना के लाभ एवं विशेषताएं

  • इस योजना के तहत उम्मीदवार महिला को सरकार द्वारा ₹16000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
  • श्रमिक वर्ग की गर्भधारण महिलाओं को HBB, VCG, OPO, ZERO DOZE BCG आदि जरूरी टीकाकरण निशुल्क रूप से दिया जाएगा।
  • प्रदेश की हर श्रमिक महिला को पहले गर्भावस्था के दौरान उसे मातृत्व वंदन योजना के तहत दो किस्तों में ₹3000 मिलेंगे और बाकी की सहायता राशि श्रमिक सेवा प्रस्तुति सहायता योजना के माध्यम से प्राप्त होगी।
  • इस योजना के अंतर्गत श्रमिक महिलाएं जो गर्भवती हैं उन्हें गर्भावस्था के आखिरी तीन महीनों के लिए उनके वेतन का आधा हिस्सा राशि सरकार आर्थिक सहायता के तौर पर प्रदान करेगी।
  • साथ ही इस योजना का लाभ प्राप्त करने वाली महिलाओं के पतियों को पितृत्व अवकाश के रूप में उन्हें कम से कम15 दिनों की छुट्टी मिलेगी।
  • ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के असंगठित श्रमिक महिलाओं को उनके गर्भावस्था के दौरान इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

पात्रता मानदंड

1. प्रसूति सहायता योजना का लाभ मध्य प्रदेश की मूल श्रमिक वर्ग की सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके होने वाले शिशुओं को दिया जाता है।

2. योजना में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार श्रमिक गर्भवती महिला की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।

3. योजना के लिए केवल पंजीकृत असंगठित महिला श्रमिक (गर्भवती) ही पात्र होंगी।

4 . राज्य सरकार की जननी सुरक्षा योजना के तहत पात्र महिलाएं भी इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।

5. योजना के तहत पहले और दूसरी किस्त के रूप में तीन ₹3000 की राशि मिलेगी फिर बाकी ₹10000 की राशि इस योजना द्वारा अंतिम किस्त के रूप में मिलेगी।

6. उम्मीदवार महिला का बैंक खाता उसके आधार से लिंक होना अनिवार्य है जिससे की योजना की लाभ राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जा सके।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • आय प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • प्रेगनेंसी का प्रमाण पत्र
  • डिलीवरी से संबंधित डॉक्यूमेंट्स
  • बैंक अकाउंट पासबुक
  • मौजूदा मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

आवेदन प्रक्रिया

1. इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने हेतु आपको निम्न चरणों का पालन करना होगा:-

2. योजना के अंतर्गत आवेदन हेतु आपको सबसे पहले अपने नजदीकी सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र या परिवार कल्याण विभाग में जाना होगा और वहां इस से योजना का आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा।

3. इसके अलावा आप योजना के आधिकारिक वेबसाइट https://labour.mp.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से योजना का आवेदन फार्म डाउनलोड कर सकते हैं।

4. अब इस आवेदन फार्म में पूछी गई सभी जानकारी आपको भर देनी है।

5. इसके बाद आवेदन पत्र में मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेजों को फॉर्म के साथ संलग्न(Attached) कर देना है।

6. अब इस भरे हुए आवेदन फार्म को उसी विभाग में जाकर जमा कर दें जहां से इसे प्राप्त किया था।

MP Prasuti Sahayata Yojana Official Website

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Note – आवेदक को डिलीवरी तिथि से कम से कम 6 महीने पहले आवेदन पत्र जमा करना होगा. यदि किसी कारणवश आवेदन समय पर नहीं जमा किया जा सका तो इसे डिलीवरी से पहले या डिलीवरी के तुरंत बाद भी जमा किया जा सकता है।

इस योजना के अंतर्गत श्रमिक महिला के गर्भावस्था के अंतिम तीन महीना में उनके वेतन का 50% धनराशि हितलाभ के रूप में उन्हें प्रदान की जाती है। इसके अलावा महिला के प्रसव के बाद चिकित्सा के दौरान हुए खर्चों को पूरा करने के लिए ₹1000 की धनराशि प्रदान की जाती है इन पैसों से महिला को अपनी गर्भावस्था के समय आर्थिक जरूरत को पूरा कर पाने में मदद मिलती है। इस योजना के अंतर्गत गर्भवती श्रमिक महिलाओं और उनके होने वाले शिशु दोनों के स्वास्थ्य व पोषण के लिए उनको आर्थिक रूप से लाभान्वित किया जाता है।

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